मध्य प्रदेश

मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार धीमी, गर्मी और उमस ने बढ़ाई परेशानी, कई शहरों में चढ़ा पारा

Kavita2
9 Sept 2026 2:55 PM IST
मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार धीमी, गर्मी और उमस ने बढ़ाई परेशानी, कई शहरों में चढ़ा पारा
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भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की गतिविधियां कमजोर पड़ते ही मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल गया है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दौर थमने से गर्मी और उमस बढ़ गई है। मंगलवार को ज्यादातर जिलों में मौसम शुष्क रहा और तेज धूप के कारण दिन के साथ रात के तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई। हवा में नमी अधिक होने के कारण लोगों को दिनभर उमस का सामना करना पड़ा।

मौसम में आए बदलाव का असर प्रदेश के कई शहरों में तापमान पर दिखाई दिया। अधिकतम तापमान में करीब एक से 3.4 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि दर्ज की गई। मानसून सीजन के बीच तापमान बढ़ने से लोगों को एक बार फिर गर्मी का अहसास होने लगा है।

रतलाम में मंगलवार को अधिकतम तापमान 32.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 3.1 डिग्री अधिक रहा। इसी तरह छिंदवाड़ा में भी तापमान सामान्य से काफी ऊपर पहुंच गया। यहां अधिकतम तापमान 31.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 3.4 डिग्री अधिक था।

प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी धूप और उमस का असर दिखाई दिया। सुबह से ही आसमान साफ रहने और बादलों की गतिविधियां कम होने के कारण सूर्य की तपिश बढ़ गई। दोपहर के समय गर्मी ज्यादा महसूस की गई। वातावरण में मौजूद नमी ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी।

बारिश के दिनों में आमतौर पर तापमान में गिरावट रहती है, लेकिन बारिश की गतिविधियां कमजोर होते ही तापमान में वृद्धि शुरू हो गई है। यही वजह है कि सितंबर के महीने में भी कई शहरों में लोगों को गर्मी और उमस का सामना करना पड़ रहा है।

दिन के अलावा रात के तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। रात के समय हवा में नमी अधिक रहने से लोगों को उमस से खास राहत नहीं मिल रही है। मौसम के इस बदलाव का असर दैनिक गतिविधियों पर भी पड़ रहा है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून की सक्रियता में कमी आने पर बादलों की मौजूदगी घटती है और धूप सीधे जमीन तक पहुंचती है। इससे दिन के तापमान में तेजी से बढ़ोतरी हो सकती है। वातावरण में पहले से मौजूद नमी के कारण उमस का स्तर भी बढ़ जाता है।

प्रदेश में पिछले दिनों कई स्थानों पर बारिश का दौर देखने को मिला था। बारिश के कारण मौसम सुहावना बना हुआ था और तापमान में भी गिरावट आई थी। अब बारिश का सिलसिला कमजोर होने से एक बार फिर मौसम गर्म होने लगा है।

हालांकि मानसून सीजन अभी समाप्त नहीं हुआ है। ऐसे में आने वाले दिनों में मौसम की परिस्थितियों में बदलाव के साथ प्रदेश के कुछ हिस्सों में दोबारा बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। स्थानीय स्तर पर बादल बनने से कहीं-कहीं हल्की या मध्यम बारिश की संभावना भी बनी रह सकती है।

किसानों की नजर भी मौसम के बदलते मिजाज पर बनी हुई है। खरीफ फसलों के लिए सितंबर की बारिश कई क्षेत्रों में महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में लंबे समय तक बारिश नहीं होने पर फसलों की नमी प्रभावित हो सकती है। हालांकि स्थिति अलग-अलग क्षेत्रों में हुई वर्षा पर निर्भर करेगी।

शहरी क्षेत्रों में गर्मी और उमस के कारण दोपहर के समय लोगों को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तेज धूप के बीच बाहर निकलने वाले लोग गर्मी से बचने के उपाय करते नजर आए। बारिश थमने के बाद सड़कों पर भी दोपहर के समय गर्मी का प्रभाव महसूस किया गया।

मौसम के मौजूदा रुख को देखते हुए लोगों को दिन में गर्मी और उमस से राहत के लिए फिलहाल बारिश का इंतजार करना पड़ सकता है। प्रदेश में मानसून की गतिविधियां दोबारा तेज होती हैं तो तापमान में गिरावट आने और उमस से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

फिलहाल मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में शुष्क मौसम और बढ़ते तापमान का असर बना हुआ है। रतलाम और छिंदवाड़ा समेत कई शहरों में सामान्य से अधिक तापमान दर्ज होने से सितंबर में एक बार फिर गर्मी का एहसास बढ़ गया है।

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